
“हर बार की तरह इस बार भी जेडीए विभाग की कार्यवाही करने के नाम पर निकली हवा।”
सूत्र बताते है कि अवैध कॉलोनी का निर्माण करता जुड़ा है आम आदमी पार्टी से!

जालन्धर(NIN NEWS): नंगल रोड पर पुड्डा विभाग की नाक तले अवैध कॉलोनियों का निर्माण हो रहा है। या यूं कहें कि विभाग भू-माफिया की बनाई जा रही अवैध कॉॅलोनियों पर कार्रवाई करने में नाकाम सिद्ध हो रहा है तो भी गलत नहीं होगा। हालाकि इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि विभाग कार्रवाई नहीं करता। कुछ माह पहले भोगपुर मे अवैध कॉलोनियों पर पुड्डा ने कार्रवाई की थी। अवैध कॉलोनी काटने पर चार लोगों पर मामला दर्ज कर दिया था। नंगल रोड, कोट कला पीरा दी जगह दे पीछे,अवैध कॉलोनी काटी गई है। जालंधर कैंट बाईपास में मुख्य मार्ग के साथ थोड़ा अंदर जाकर कालोनी काटी जा रही है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी से पता चला है कि कॉलोनी काटने वाले को आम आदमी पार्टी का नेता भी बताया जा रहा है।

आगे के प्लाट में कमर्शियल जमीन का सौदा भी हो चुका है।यहां पर काटी कॉलोनी पुड्डा विभाग के अधिकारियों को नजर नहीं आती। यह सब अधिकारियों की मिलीभगत से ही हो रहा है। सरकार को लाखों रुपये का चूना लगाने का खेल खेला जा रहा है। कोई भी अधिकारी इन पर कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठाता क्योंकि इनसे मिलजुल कर ही यह अवैध कॉलोनिया काटी जा रही हैं। सबसे हैरानी वाली बात यह है कि किसी के पास लाइसेंस तक नहीं है। 1 से 2 लाख रुपये कीमत के हैं प्लॉट बेचे जा रहे हैं।
नंगल रोड, कोट कला पीरा दी जगह दे पीछे, बन रही कॉलोनी के प्लाट के बारे में पता किया गया तो कॉलोनाइजर ने कॉलोनी के अंदर एक लाख रुपये मरला रेट रखा है और दुकानों का रेट 2 लाख रुपये बताया। एसडीओ पुड्डा ने बताया कि इस इलाके में सर्वे कराया जा रहा है और जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। कॉलोनी काटने के लिए चाहिए कम से कम पाच एकड़ जमीन होनी चाहिए। यहा डेड से दो कनाल में कॉलोनिया काटी जा रही हैं, जिनके सीवरेज तक कि कोई व्यवस्था नहीं है।
सबसे ज्यादा चिंताजनक यह बात यह है कि सभी कॉलोनिया खेतीबाड़ी की उपजाऊ जमीन पर काटी जा रही हैं। कुछ महीने पहले पखड़ियाना के अंदर पुड्डा अधिकारियों के अपनी जेसीबी मशीन चलकर अपने होने की उपस्थिति दर्ज कराई थी। प्लॉट मालिक लंबरदार के नजदीकी हैं। अगर कोई व्यक्ति कॉलोनी काटना चाहता है तो उसे पुड्डा से एनओसी लेने के लिए भारी रकम गारंटी के रूप में जमा कराने के साथ कई पापड़ बेलने पड़ते हैं। इसके बाद अगर कोई इसे अधूरा छोड़ता है तो गारंटी के रूप में जमा राशि से अधूरे कायरें को पूरा कराया जाता है।
Government should take action on this kind of illegal work