शहर में फिर चर्चा में ‘ना-रंग’! FIR से लेकर Doli Palace की जमीन पर कथित अवैध कॉलोनी तक, उठ रहे कई सवाल

जालंधर। जालंधर में Doli Palace वाली जगह पर कथित तौर पर काटी जा रही अवैध कॉलोनी का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। पहले नगर निगम जालंधर (MCJ) की ओर से नोटिस जारी किए जाने और निर्माण कार्य रुकवाने की कार्रवाई की बात सामने आई, लेकिन इसके बावजूद संबंधित जगह पर विकास कार्य जारी रहने और अब नई कोठियों व मकानों का निर्माण शुरू होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इस पूरे मामले में अब ‘ना-रंग’ नाम से चर्चित व्यक्ति की कथित भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
🔥 Doli Palace वाली जगह पर कथित अवैध कॉलोनी, MCJ की कार्रवाई के बावजूद काम जारी रहने के आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित जगह पर कॉलोनी विकसित करने और निर्माण कार्य रोकने के लिए नगर निगम पहले ही नोटिस जारी कर चुका है। इसके बावजूद कथित तौर पर कॉलोनी की डेवलपमेंट नहीं रुकी और अब वहां नई कोठियां व मकान भी बनाए जा रहे हैं।सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि संबंधित जमीन पर विकास और निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक मंजूरियां नहीं ली गई हैं, तो निर्माण किस आधार पर किया जा रहा है? साथ ही, यदि पहले जारी किए गए नोटिसों के बावजूद काम जारी रहा, तो संबंधित विभागों ने उसके बाद क्या कार्रवाई की?इन सवालों का जवाब नगर निगम के आधिकारिक रिकॉर्ड और मौके की जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा।
⚡ ‘ना-रंग’ का नाम फिर चर्चा में, पुराने मामले को लेकर भी दावेइस मामले में ‘ना-रंग’ नाम से चर्चित व्यक्ति को लेकर भी कुछ दावे सामने आ रहे हैं।
सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि यह पहला मामला नहीं है, जिसमें उक्त व्यक्ति का नाम चर्चा में आया हो। शहर में पहले भी उससे जुड़े कुछ विवादों की चर्चा होने की बात कही जा रही है।इसी क्रम में एक पुराने मामले का जिक्र किया जा रहा है, जिसमें कथित तौर पर जालंधर के थाना भार्गव कैंप में चोरी के आरोप से संबंधित FIR दर्ज करवाई गई थी।हालांकि, इस FIR का नंबर, दर्ज होने की तारीख, संबंधित धाराएं और उसमें नामजद व्यक्ति की पहचान की आधिकारिक पुष्टि होना आवश्यक है। FIR दर्ज होने का दावा अपने आप में किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं करता। मामले की वास्तविक स्थिति जानने के लिए पुलिस रिकॉर्ड और संबंधित पक्ष का जवाब महत्वपूर्ण होगा
🏗️ अब नगर निगम के अगले कदम पर निगाहें
यदि संबंधित कॉलोनी और निर्माण नियमों के विरुद्ध पाए जाते हैं, तो नगर निगम जालंधर कानून के तहत उचित कार्रवाई कर सकता है। इसमें परिस्थितियों और लागू नियमों के अनुसार निर्माण कार्य रुकवाने तथा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।
स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ताओं की मांग है कि नगर निगम संबंधित जगह का तत्काल निरीक्षण करे, पहले जारी नोटिसों पर हुई कार्रवाई का विवरण सार्वजनिक करे और बिना आवश्यक मंजूरी के निर्माण पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करे।अब देखने वाली बात यह होगी कि Doli Palace वाली जगह पर कथित अवैध कॉलोनी के मामले में नगर निगम जालंधर क्या कदम उठाता है और थाना भार्गव कैंप में चोरी की FIR दर्ज होने के दावे की आधिकारिक स्थिति क्या सामने आती है।



