अंतरराष्ट्रीयअपराधई-पेपरबिजनेसराष्ट्रीय

जालंधर में नगर निगम की नाक के नीचे गोल मार्केट में एक और अवैध इमारत का निर्माण, अधिकारी बेखबर

जालंधर के व्यस्ततम इलाकों में से एक, गोल मार्केट में नॉक आउट दुकान के ठीक बगल में एक और अवैध इमारत की पहली मंजिल का निर्माण धड़ल्ले से जारी है । इस निर्माण ने एक बार फिर जालंधर नगर निगम के बिल्डिंग विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि शहर में अवैध निर्माणों की बाढ़ आ गई है और संबंधित अधिकारी कुंभकर्णी नींद में सोए हुए हैं, जिससे बिल्डरों और भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।

प्रशासनिक सुस्ती और मिलीभगत का संदेह

यह कोई पहली बार नहीं है कि जालंधर में इस तरह के अवैध निर्माण का मामला सामने आया हो। शहर में कई जगहों पर विजिलेंस जांच के बावजूद अवैध निर्माणों का काम तेजी से चल रहा है, जो नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है । गोल मार्केट जैसे प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र में दिन-दिहाड़े हो रहा यह निर्माण नगर निगम के अधिकारियों की कार्यशैली की पोल खोल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना अधिकारियों की मिलीभगत के इस तरह का निर्माण संभव नहीं है।

क्या कहते हैं नियम?

पंजाब सरकार ने हाल ही में पंजाब यूनिफाइड बिल्डिंग बायलॉज-2025 को मंजूरी दी है, जिसमें कम ऊंचाई वाली इमारतों की मंजूरशुदा ऊंचाई को 15 मीटर से बढ़ाकर 21 मीटर कर दिया गया है। इसके बावजूद, हर निर्माण के लिए नक्शा पास करवाना और नियमों का पालन करना अनिवार्य है। नगर निगम के बिल्डिंग बायलॉज के अनुसार, किसी भी निर्माण या पुनर्निर्माण से पहले नगर निगम से लिखित में अनुमति लेना आवश्यक है । इस मामले में, यह स्पष्ट नहीं है कि इस इमारत के मालिक ने आवश्यक मंजूरी ली है या नहीं। यदि बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन साबित होता है, तो निगम को 15 दिनों के भीतर अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने का अधिकार है ।

अधिकारियों की जवाबदेही

नगर निगम के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि शहर में सभी निर्माण कार्य नियमों के अनुसार हों। इस मामले में, नगर निगम कमिश्नर, श्री संदीप ऋषि, और बिल्डिंग विभाग के म्यूनिसिपल टाउन प्लानर, श्री बलविंदर सिंह और श्री विजय कुमार, को तुरंत इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए और जांच करनी चाहिए । यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या नगर निगम इस अवैध निर्माण पर कोई सख्त कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

News India Now

News India Now is Government Registered Online Web News Portal.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button