
जालंधर के बस्ती बावा खेल थाने में उठा विवाद — कथित स्वयंभू प्रधान पर डराने-धमकाने और पैसों की उगाही का आरोप, बाहर हुई जमकर बहस और मारपीट
📍 जालंधर | विशेष रिपोर्ट
जालंधर के बस्ती बावा खेल थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस कार्यप्रणाली और समाज के तथाकथित नेताओं की भूमिका पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, मामला नाबालिग बच्चों से जुड़ा था, जो जैसे ही थाने पहुंचा, धीरे-धीरे तूल पकड़ने लगा। इसी दौरान शहर का एक कथित स्वयंभू नेता, जो खुद को “प्रधान” बताता है, लड़की पक्ष की ओर से थाने में एंट्री करता है।

🔥 थाने के अंदर क्या हुआ?
बताया जा रहा है कि इस स्वयंभू प्रधान ने थाने के अंदर ही लड़के पक्ष पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। कार्रवाई के नाम पर डराया-धमकाया गया और मामला रफा-दफा करने के लिए मोटी रकम की मांग की गई।
सूत्रों के अनुसार, शुरुआत में 2.50 लाख रुपये की मांग की गई, जो बाद में 2 लाख रुपये पर आकर “सेट” कर दी गई।

💰 पैसे गए कहां?
सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई है कि जिस पैसे की डील हुई, वह कथित तौर पर लड़की पक्ष तक पहुंचा ही नहीं।सूत्रों का दावा है कि आरोपी स्वयंभू प्रधान ने इस संवेदनशील मामले का फायदा उठाते हुए पूरी रकम अपनी जेब में डाल ली और थाने से चुपचाप निकल गया।
⚔️ थाने के बाहर ‘प्रधान vs प्रधान’ भिड़ंत
मामला खत्म होने के बाद जब लड़के पक्ष को शक हुआ, तो उन्होंने शहर के एक अन्य सम्मानित और साफ-सुथरी छवि वाले प्रधान को मौके पर बुलाया।
इसके बाद थाने के बाहर ही दोनों पक्षों के प्रधान आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते मामला गरमा गया।

👉 जोरदार बहस के बाद स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कथित स्वयंभू प्रधान की “चिट्टर परेड” तक हो गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
❗ उठते बड़े सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
क्या थाने के अंदर ही पैसों की डील होती रही?
नाबालिगों से जुड़े संवेदनशील मामले में ऐसे बाहरी लोगों की एंट्री कैसे हुई?
अगर पैसे लड़की पक्ष तक नहीं पहुंचे, तो आखिर रकम गई कहां?
क्या पुलिस प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम से अनजान था या फिर…?
🧭 अब आगे क्या?
यह मामला अब शहर में चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है। लोग मांग कर रहे हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी संवेदनशील केस में इस तरह की “सेटिंग” और “सौदेबाजी” न हो सके।

⚠️ Disclaimer:
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