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जालंधर नगर निगम का बिल्डिंग विभाग ‘स्टाफ संकट’ से जूझ रहा

अवैध निर्माणों की शिकायतों का बढ़ता बोझ, पूरे शहर की जिम्मेदारी महज़ दो बिल्डिंग इंस्पेक्टरों के कंधों पर

जालंधर:
जालंधर नगर निगम का बिल्डिंग विभाग इस समय गंभीर स्टाफ संकट के दौर से गुजर रहा है। शहर में लगातार बढ़ रही अवैध निर्माणों की शिकायतों और निर्माण गतिविधियों के बीच विभाग के पास कार्रवाई और निगरानी के लिए केवल दो बिल्डिंग इंस्पेक्टर ही उपलब्ध बताए जा रहे हैं। ऐसे में पूरे शहर में निर्माण कार्यों की जांच, शिकायतों का निपटारा और नियमों का पालन सुनिश्चित करवाना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार नगर निगम के बिल्डिंग विभाग में अवैध निर्माणों को लेकर शिकायतों का अंबार लगा हुआ है। शहर के अलग-अलग इलाकों से लगातार नियमों के उल्लंघन, नक्शा पास न होने तथा बिना अनुमति निर्माण संबंधी शिकायतें निगम कार्यालय तक पहुंच रही हैं। लेकिन इन शिकायतों के समाधान और मौके पर जांच के लिए विभाग के पास सीमित मानव संसाधन होने के कारण कार्यप्रणाली पर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।

जानकारी के मुताबिक मौजूदा समय में तैनात दो बिल्डिंग इंस्पेक्टरों में से एक अधिकारी की ड्यूटी सप्ताह में दो दिन फगवाड़ा नगर निगम में भी लगाई जाती है। ऐसे में यदि पूर्णकालिक उपलब्धता की बात की जाए तो जालंधर नगर निगम के बिल्डिंग विभाग के पास व्यावहारिक रूप से केवल एक ही बिल्डिंग इंस्पेक्टर ऐसा बचता है जो पूरे समय जालंधर शहर में अपनी सेवाएं दे रहा है।

शहरी विशेषज्ञों का मानना है कि जालंधर जैसे बड़े और तेजी से फैलते शहर में बिल्डिंग विभाग में पर्याप्त स्टाफ का होना बेहद आवश्यक है। बढ़ती आबादी और निर्माण गतिविधियों के चलते निगरानी व्यवस्था मजबूत होना समय की मांग है। यदि विभाग में पर्याप्त संख्या में अधिकारी और फील्ड स्टाफ उपलब्ध हों तो अवैध निर्माणों पर समय रहते रोक लगाने और शिकायतों के त्वरित निपटारे में मदद मिल सकती है।

वहीं शहर के लोगों का कहना है कि निगम प्रशासन को बिल्डिंग विभाग में स्टाफ की कमी की ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए, ताकि अवैध निर्माणों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ आम लोगों की शिकायतों का भी समय पर समाधान सुनिश्चित किया जा सके।


“एक शहर, सीमित स्टाफ और बढ़ती जिम्मेदारियां”

जालंधर नगर निगम का बिल्डिंग विभाग संसाधनों की कमी के बावजूद संभाल रहा मोर्चा नगर निगम के जानकारों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में विभागीय कर्मचारियों पर काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसके बावजूद उपलब्ध अधिकारी पूरे शहर में निर्माण गतिविधियों पर नजर रखने और शिकायतों के निपटारे के प्रयासों में जुटे हुए हैं।

Disclaimer

यह समाचार लेख सार्वजनिक चर्चा, स्थानीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तैयार किया गया है। लेख का उद्देश्य किसी व्यक्ति, अधिकारी या संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि नगर निगम के बिल्डिंग विभाग में स्टाफ की स्थिति और प्रशासनिक चुनौतियों को उजागर करना है। यदि संबंधित विभाग अथवा अधिकारी पक्ष रखना चाहें तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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