छोटा शेखा बाज़ार की अवैध बिल्डिंग पर बढ़ा विवाद, शिकायत वापस लेने के लिए बनाया जा रहा दबाव?

कथित प्रॉपर्टी डीलर के जरिए शिकायतकर्ताओं को फोन और मुलाकातों के माध्यम से डराने का आरोप, सूत्रों के अनुसार नगर निगम अब बड़ी कार्रवाई की तैयारी में
जालंधर: छोटा शेखा बाज़ार में बन रही कथित अवैध बहुमंजिला कमर्शियल बिल्डिंग को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब इस पूरे मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। सूत्रों के अनुसार अवैध निर्माण कराने वाले बिल्डिंग मालिक द्वारा शिकायतकर्ताओं पर शिकायतें वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। इसके लिए एक कथित प्रॉपर्टी डीलर को माध्यम बनाया गया है, जो अलग-अलग लोगों को फोन कर और व्यक्तिगत मुलाकातों के जरिए शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतकर्ताओं को यह तक कहा जा रहा है कि यदि उन्होंने अपनी शिकायतें वापस नहीं लीं तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने इलाके में डर और आक्रोश दोनों का माहौल पैदा कर दिया है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण पूरी तरह वैध है तो फिर शिकायतकर्ताओं को डराने और दबाव बनाने की जरूरत क्यों पड़ रही है?

सूत्रों की मानें तो नगर निगम जालंधर के अधिकारियों तक भी अब यह मामला गंभीर रूप से पहुंच चुका है। बताया जा रहा है कि निगम अधिकारियों ने अब इस पूरे मामले में सख्त रुख अपनाने की तैयारी शुरू कर दी है। चर्चाएं हैं कि छोटा शेखा बाज़ार में बनाई जा रही इस कथित अवैध बहुमंजिला इमारत पर जल्द बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर नगर निगम द्वारा पहले जारी किए गए नोटिसों के बावजूद निर्माण कार्य इतने लंबे समय तक कैसे चलता रहा? क्या कुछ अधिकारियों की ढिलाई ने बिल्डिंग मालिक के हौसले बढ़ाए? या फिर पूरे मामले में किसी बड़े संरक्षण की भूमिका रही?
फिलहाल इलाके के लोग नगर निगम की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि निगम अधिकारी इस कथित अवैध निर्माण पर वास्तव में सख्त कार्रवाई करते हैं या फिर मामला केवल नोटिसों और चर्चाओं तक ही सीमित रह जाएगा।




