नोटिसों को ठेंगा दिखाने वालों पर अब चलेगा पीला पंजा! Doli Palace वाली कथित अवैध कॉलोनी पर MCJ की बड़ी तैयारी

नोटिसों को ठेंगा दिखाने वालों पर अब चलेगा पीला पंजा! Doli Palace वाली कथित अवैध कॉलोनी पर MCJ की बड़ी तैयारी
जालंधर। Doli Palace वाली जगह पर विकसित की जा रही कथित अवैध कॉलोनी को लेकर अब मामला गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। आरोप है कि नगर निगम जालंधर (MCJ) द्वारा संबंधित कॉलोनी को लेकर बार-बार नोटिस जारी करने और निर्माण कार्य रुकवाने की कार्रवाई किए जाने के बावजूद कॉलोनी में विकास कार्य पूरी तरह बंद नहीं हुए।
शिकायत के मुताबिक, नगर निगम की कार्रवाई के बावजूद कथित तौर पर कॉलोनी में सड़क एवं अन्य विकास कार्यों के साथ-साथ अब नई कोठियों और मकानों का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है। आरोप है कि इन निर्माणों के लिए आवश्यक सरकारी मंजूरियों और स्वीकृत नक्शों का पालन नहीं किया जा रहा।
नोटिस के बावजूद कैसे जारी रहा निर्माण?
सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि नगर निगम द्वारा पहले ही निर्माण कार्य रोकने के लिए नोटिस और कार्रवाई की जा चुकी थी, तो उसके बाद भी कथित तौर पर निर्माण गतिविधियां कैसे जारी रहीं?
स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या संबंधित विभागों के आदेशों और भवन निर्माण नियमों की कथित अनदेखी करते हुए निर्माणकर्ताओं द्वारा लगातार काम कराया जा रहा है।
अब नगर निगम ने कार्रवाई की तैयारी तेज की
मामले में अब नगर निगम जालंधर द्वारा कथित अवैध कॉलोनी पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है।
सूत्रों/शिकायत में सामने आई जानकारी के अनुसार, संबंधित अधिकारियों द्वारा मौके की स्थिति, पहले जारी किए गए नोटिस और निर्माण संबंधी मंजूरियों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
यदि जांच में कॉलोनी अथवा वहां निर्मित/निर्माणाधीन कोठियां और मकान नियमों के विरुद्ध पाए जाते हैं, तो नगर निगम द्वारा कानून और निर्धारित प्रक्रिया के तहत निर्माण हटाने/ध्वस्तीकरण सहित कार्रवाई की जा सकती है।
कथित भू-माफिया पर कब होगी निर्णायक कार्रवाई?
अब निगाहें नगर निगम जालंधर की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। सवाल यह है कि बार-बार नोटिस और निर्माण रुकवाने के बावजूद कथित तौर पर जारी विकास कार्यों पर अब स्थायी रोक कैसे लगेगी?
स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ताओं की मांग है कि संबंधित स्थल का तत्काल निरीक्षण करवाकर कॉलोनी की वैधता, जमीन के उपयोग, लेआउट/साइट अप्रूवल और निर्माणाधीन मकानों की स्वीकृतियों की जांच की जाए। यदि नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाए।
अब देखना यह होगा कि नगर निगम जालंधर इस कथित अवैध कॉलोनी और वहां निर्माणाधीन कोठियों के खिलाफ कब तक निर्णायक कार्रवाई करता है और क्या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई जाती है।
नोट: कॉलोनी और निर्माण से जुड़े आरोप जांच/शिकायत पर आधारित हैं। संबंधित कॉलोनी के मालिक/डेवलपर और नगर निगम का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।



