गुज्जापीर में बिना नक्शा पास बनीं दो दुकानें, सीलिंग व पेनल्टी की उठी मांग

जालंधर | वेब डेस्क: जालंधर के गुज्जापीर इलाके में नगर निगम के ज़ोनिंग नियमों की कथित अनदेखी का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार हाउसिंग ज़ोन में अधिसूचित क्षेत्र में दो दुकानों का निर्माण किया गया है, जबकि नगर निगम जालंधर के रिकॉर्ड के मुताबिक इस क्षेत्र में व्यावसायिक निर्माण की अनुमति नहीं है।सूत्रों के अनुसार इन दुकानों का निर्माण बिना बिल्डिंग प्लान (नक्शा) पास कराए और बिना आवश्यक क्लस्टर/क्लब पासिंग के किया गया है। मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर शिकायत दर्ज कराते हुए नगर निगम प्रशासन से सख़्त कार्रवाई की मांग की गई है।
📌 क्या कहते हैं नगर निगम के रिकॉर्ड
नगर निगम के ज़ोनिंग रिकॉर्ड के अनुसार जिस लोकेशन पर यह निर्माण किया गया है, वह पूरी तरह हाउसिंग ज़ोन में आती है। नियमों के तहत ऐसे क्षेत्रों में केवल आवासीय निर्माण ही मान्य होता है, जबकि मौके पर दो शटरयुक्त दुकानों का निर्माण पाया गया है, जो कमर्शियल उपयोग की ओर संकेत करता है।
⚠️ शिकायतकर्ता की प्रमुख मांगें
शिकायतकर्ता द्वारा प्रशासन के समक्ष निम्न मांगें रखी गई हैं—
निर्माणकर्ता से सभी लंबित सरकारी फीस वसूली जाएज़ोनिंग व बिल्डिंग बायलॉज़ उल्लंघन पर पेनल्टी लगाई जाए
अब तक का प्रॉपर्टी टैक्स व अन्य देय कर रिकवर किया जाए
नियमों के विपरीत बनी दुकानों को तत्काल सील किया जाए
❓ उठते सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि क्षेत्र हाउसिंग ज़ोन में आता है, तो फिर यह निर्माण किसकी अनुमति या अनदेखी से पूरा हुआ?क्या निर्माण के दौरान संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था में चूक हुई?
🏛️ प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद
मामले को लेकर अब निगाहें नगर निगम प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या रिकॉर्ड के आधार पर जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी या मामला औपचारिकताओं तक ही सीमित रह जाएगा। जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो हाउसिंग ज़ोन में ऐसे निर्माण भविष्य में मिसाल बन सकते हैं।



