नकोदर रोड ‘Lucky Sound’ अवैध बिल्डिंग मामला: क्या नगर निगम जालंधर की नींद अब भी नहीं टूटी?”

शिकायतें हो रही तेज… मगर नगर निगम की चाल ‘कछुआ स्पीड’ में! आखिर जिम्मेदारी किसकी?
नकोदर रोड पर ‘Lucky Sound’ से जुड़ा कथित अवैध निर्माण अब सिर्फ एक बिल्डिंग का मामला नहीं रहा, बल्कि यह नगर निगम जालंधर की कार्यप्रणाली पर सीधा सवाल बन चुका है। पहली खबर प्रकाशित होने के बाद भी ज़मीन पर कोई ठोस और स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई।
दो अतिरिक्त मंजिलें आज भी उसी शान से खड़ी हैं — जैसे किसी कार्रवाई का डर ही न हो।
🔥 “Notice Tez… Par Action Freeze?”

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर कोई आम नागरिक एक छोटा सा शेड या छज्जा भी बना ले, तो नोटिस तुरंत दरवाजे पर पहुँच जाता है। लेकिन इस मामले में नगर निगम की चाल इतनी धीमी क्यों दिखाई दे रही है?क्या फाइलें किसी मेज़ पर धूल खा रही हैं?या फिर सिस्टम किसी “ऊपर से दबाव” की प्रतीक्षा में है?
🧨 “System Slow Hai… Ya Selective?
”जनता का सीधा सवाल है —क्या नियम सिर्फ आम लोगों के लिए हैं?क्या प्रभावशाली नामों के सामने कार्रवाई की रफ्तार अपने-आप ‘कछुआ मोड’ में चली जाती है?नगर निगम जालंधर के अधिकारियों की चुप्पी अब चर्चा का विषय बन चुकी है।कार्रवाई का आश्वासन कहीं दिखाई नहीं दे रहा।

⚡ “Accountability Kaun Lega?”
”अगर शिकायतें दर्ज हैं, निरीक्षण हुआ है, और निर्माण स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है —तो फिर कार्रवाई कहाँ है?क्या फील्ड स्टाफ ने रिपोर्ट भेज दी है?क्या कमिश्नर कार्यालय तक फाइल पहुँची?या फिर मामला किसी अदृश्य ब्रेक में फंसा हुआ है?जब तक स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आता, तब तक सवाल उठते रहेंगे।

🎯 “Public Memory Short Nahi Hai”
”यह मामला अब सिर्फ एक बिल्डिंग का नहीं, बल्कि सिस्टम की पारदर्शिता का है।अगर नियम सबके लिए समान हैं, तो कार्रवाई भी समान और स्पष्ट दिखनी चाहिए।जनता अब यह जानना चाहती है कि —क्या नगर निगम जालंधर इस मामले में ठोस कदम उठाएगा, या फिर यह प्रकरण भी फाइलों के ढेर में दब जाएगा?




