राष्ट्रीय
अमेरिका से नौकरी छोड़ वापस लौटे IIT इंजीनियर ने 20 गायों से शुरू किया डेयरी फार्म, अब कमा रहे हैं 44 करोड़ सालाना


साल 2012 में उन्होंने सिर्फ 20 गाय के साथ डेयरी की शुरुआत की. किशोर लोगों के घर-घर तक दूध पहुंचाने लगे.
Success Story: किशोर ने आईआईटी खड़गपुर से इंजीनियरिंग की. इसके बाद PhD करने के लिए वो अमेरिका चले गए. फिर वहीं उन्हें इंटेल जैसी नामी कंपनी के साथ काम करने का मौका मिला, लेकिन 6 साल नौकरी करने के बाद किशोर का मन भर गया. उन्होंने वापस भारत लौटकर डेयरी का काम शुरू कर दिया.
नई दिल्ली. भारत जैसे देश में लाखों लोग ऐसे हैं जो अपनी पसंद की नौकरी नहीं करते. लिहाजा कई बार लोग करोड़ों की नौकरी और ठाठ-बाट छोड़कर वापस लौट आते हैं. फिर वहीं काम करते हैं जिसे वो दिल से चाहते हैं. कर्नाटक के किशोर इंदुकुरी की कुछ ऐसी ही कहानी है. उन्होंने अमेरिकी में करोड़ों की नौकरी छोड़ दी. फिर भारत वापस वापस आए और शुरू किया डेयरी फार्म (Dairy Farm) का बिजनेस. शुरुआत छोटी थी. लेकिन अब अपनी पसंद के इस काम में वो करोड़ों की कमाई कर रहे हैं. किशोर ने आईआईटी खड़गपुर से इंजीनियरिंग की. इसके बाद PhD करने के लिए वो अमेरिका चले गए. और फिर यहीं उन्हें इंटेल जैसी नामी कंपनी के साथ काम करने का मौका मिला. लेकिन 6 साल नौकरी करने के बाद किशोर का मन भर गया. उन्होंने वापस भारत लौटने का फैसला किया. हैदराबाद शुरू किया बिजनेस भारत आने के बाद वो हैदराबाद पहुंच गए. यहां उन्हें लगा कि लोगों को हाइजेनिक और शुद्ध दूध नहीं मिलता है. लिहाजा उन्होंने डेयरी फार्म खोलने का फैसला किया. साल 2012 में उन्होंने सिर्फ 20 गायों के साथ डेयरी की शुरुआत की. किशोर लोगों के घर-घर तक दूध पहुंचाने लगे. धीरे-धीरे बिजनेस बढ़ता गया. साल 2018 में किशोर के 6 हज़ार ग्राहक हो गए. सिड फार्म नाम से उनकी कंपनी हैदराबाद में दूध का बड़ा बिजनेस करने लगी है.40 करोड़ का टर्न ओवर हाल के दिनों में उनका बिजनेस काफी बढ़ गया है. अब उनके पास करीब 10 हज़ार ग्राहक हैं. लिहाजा उनके फार्म में अब 120 लोग काम करते हैं. जबकि कंपनी का सालाना टर्न ओवर 40 करोड़ पहुंच गया है. अब उनकी कंपनी सिर्फ दूध ही नहीं बल्कि दूध से बने प्रोडक्ट भी बेच रही है. सिड का फार्म अब गाय और भैंस के दूध, गाय के दूध का मक्खन, स्किम दूध, गाय के दूध का घी और पनीर भी बेच रही है. ये भी पढ़ें:- हार्ट रोग विशेषज्ञ डॉ अग्रवाल का कोरोना से AIIMS में निधन, वेंटीलेटर पर थे
आसान नहीं रहा सफर हाल ही में एक इंटरव्यू में इंदुकुरी ने खुलासा किया कि शुरुआती दिन उनके लिए मुश्किल थे. लेकिन बाद में उनके परिवार ने कड़ी मेहनत की. शुरुआत में उन्होंने अपनी सारी बचत का इस्तेमाल किया और डेयरी स्थापित करने के लिए अपने परिवार से मदद मांगी. 1 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश और बाद में 2 करोड़ रुपये के साथ वो अपना बिजनेस खड़ा करने में कामयाब रहे. साल 2018 में डेयरी के संचालन का विस्तार करने के लिए उन्हें 1.3 करोड़ रुपये के लोन भी मिला.
आसान नहीं रहा सफर हाल ही में एक इंटरव्यू में इंदुकुरी ने खुलासा किया कि शुरुआती दिन उनके लिए मुश्किल थे. लेकिन बाद में उनके परिवार ने कड़ी मेहनत की. शुरुआत में उन्होंने अपनी सारी बचत का इस्तेमाल किया और डेयरी स्थापित करने के लिए अपने परिवार से मदद मांगी. 1 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश और बाद में 2 करोड़ रुपये के साथ वो अपना बिजनेस खड़ा करने में कामयाब रहे. साल 2018 में डेयरी के संचालन का विस्तार करने के लिए उन्हें 1.3 करोड़ रुपये के लोन भी मिला.