फ्लैट से चल रहा अवैध फाइनेंस का गोरखधंधा, जालंधर हाइट्स में बिना लाइसेंस ऊंची ब्याज दरों पर वसूली।

पूर्व फास्ट-फूड विक्रेता के फाइनेंसर बनने की कहानी ने उठाए सवाल, प्रशासन ने जांच के दिए आदेश।
जालंधर, 31 अक्टूबर;(राजीव धामी): शहर के पॉश इलाके 66 फ़ीट रोड पर स्थित जालंधर हाइट्स में एक अवैध फाइनेंस कंपनी चलाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, एक भारी-भरकम शरीर वाला व्यक्ति अपने फ्लैट से ही बिना किसी लाइसेंस या दफ्तर के फाइनेंस का यह अवैध धंधा चला रहा है। आरोप है कि यह व्यक्ति भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा निर्धारित नियमों को ताक पर रखकर भोले-भाले लोगों से 10% प्रति माह की exorbitantly ऊंची ब्याज दर वसूल रहा है।
फ्लैट से चल रहा गोरखधंधा
विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह मोटा शख्स किसी भी तरह का ऑफिस चलाए बिना सीधे अपने आलीशान फ्लैट से ही लोगों को कर्ज देता था। वह जरूरतमंद लोगों को आसानी से पैसा मुहैया कराने का झांसा देकर उन्हें अपने जाल में फंसाता और फिर मनमाने ब्याज से मोटी कमाई करता था। पंजाब में साहूकारी लाइसेंसिंग अधिनियम (Punjab Money Lenders Act) के तहत ऐसे किसी भी व्यवसाय के लिए लाइसेंस अनिवार्य है, लेकिन यह व्यक्ति बिना किसी कानूनी मंजूरी के काम कर रहा है।

रातों-रात बना फाइनेंसर, उठे सवाल
स्थानीय लोगों में इस बात की चर्चा है कि कुछ समय पहले तक यह व्यक्ति चाट और फास्ट-फूड की एक छोटी सी दुकान चलाता था। इतने कम समय में उसका एक फाइनेंसर के रूप में उभरना कई सवाल खड़े करता है। लोगों का कहना है कि अचानक उसकी बदली जीवनशैली और आय के स्रोत की जांच होनी चाहिए।
सोशल वर्कर ने की शिकायत, जांच शुरू
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब शहर के एक सोशल वर्कर ने इस अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने पूरे सबूतों के साथ जालंधर के पुलिस कमिश्नर और आयकर विभाग को एक लिखित शिकायत सौंपी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभागों ने तत्काल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस “जाली कमाई” करने वाले शख्स पर कब शिकंजा कसता है और उसे सलाखों के पीछे भेजता है।
अगले भाग में: ढाई करोड़ की काली कमाई का राज!
इस कहानी का अगला भाग और भी चौंकाने वाला है। हम खुलासा करेंगे कि इस शख्स के पास ढाई करोड़ रुपये की काली कमाई कहाँ से आई और वह कैसे कुछ ही दिनों में काले धन को दोगुना करने की कवायद में लगा हुआ था।



