
जालंधर | न्यूज़ इंडिया नाउ जालंधर के रविंदर नगर, अर्बन एस्टेट रोड स्थित एक रिहायशी मकान को कथित रूप से चार कमर्शियल दुकानों में तब्दील किए जाने का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। जानकारी के अनुसार, नगर निगम जालंधर ने संबंधित निर्माण को लेकर नोटिस जारी कर दिया है तथा निर्माणकर्ता को तत्काल अवैध निर्माण कार्य बंद करने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद स्थानीय सूत्रों के अनुसार निर्माण कार्य पूरी तरह नहीं रुका है, जिससे इलाके के लोगों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक संबंधित संपत्ति के मालिक को गोल मार्केट क्षेत्र का एक चर्चित प्रॉपर्टी कारोबारी बताया जा रहा है। हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उक्त निर्माण रिहायशी क्षेत्र की भूमि उपयोग (Land Use) व्यवस्था और भवन निर्माण नियमों के विपरीत किया जा रहा है।निवासियों का कहना है कि रविंदर नगर पूरी तरह आवासीय कॉलोनी है तथा पहले से ही यहां की सड़क काफी संकरी है।
यदि यहां चार व्यावसायिक दुकानें संचालित होती हैं तो ट्रैफिक जाम, अवैध पार्किंग, शोर-शराबा और सुरक्षा संबंधी समस्याएं कई गुना बढ़ जाएंगी, जिससे पूरे इलाके का आवासीय स्वरूप प्रभावित होगा।सूत्रों के अनुसार, नगर निगम की बिल्डिंग शाखा ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया है और निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए हैं।

बताया जा रहा है कि यदि नोटिस के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहता है तो निगम द्वारा सीलिंग, ध्वस्तीकरण (Demolition) तथा पंजाब नगर निगम अधिनियम एवं लागू भवन उपविधियों के तहत अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो इससे अन्य लोग भी रिहायशी कॉलोनियों में अवैध व्यावसायिक निर्माण करने के लिए प्रोत्साहित होंगे, जिससे शहर की नियोजित विकास व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
अब सभी की निगाहें नगर निगम प्रशासन पर टिकी हैं।
शहरवासियों को उम्मीद है कि नोटिस जारी होने के बाद निगम इस मामले में शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई करेगा तथा यदि किसी प्रकार का नियम उल्लंघन पाया जाता है तो कानून के अनुसार कठोर कदम उठाए जाएंगे।

(यदि संबंधित पक्ष अपना पक्ष रखना चाहता है तो न्यूज़ इंडिया नाउ उसका आधिकारिक पक्ष भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।)



