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Tauktae Cyclone: ‘कप्तान अनदेखी नहीं करते, तो बच सकती थीं जानें’, P305 पर रहे शख्स की आंखों देखी

नौसेना का बचाव कार्य जारी है. (फाइल फोटो; ANI)

नौसेना का बचाव कार्य जारी है. (फाइल फोटो; ANI)

Tauktae Cyclone Updates: शेख ने बताया कि लाइफ जैकेट पहने हुए लोगों को फ्लोटिंग रिंग्स पकड़कर समूह में पानी में कूदने के लिए कहा गया, ताकि बचाव दल की उनपर नजर पड़ सके. खबर है कि बार्ज सोमवार शाम 5 बजे डूब गया था.

मुंबई. अरब सागर (Arabian Sea) में उठे टाउते तूफान का शिकार हुए बार्ज पी305 (Barge P305) पर सवार 50 लोगों की तलाश अभी भी जारी है. इसी बीच बजरे पर मौजूद एक मुख्य इंजीनियर का बयान आया है, जिसमें उन्होंने कप्तान पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. वे कह रहे हैं कि अगर कप्तान तूफान की चेतावनी को गंभीरता से लेते और वहां मौजूद लाइफ राफ्ट्स पंचर नहीं होते, तो बार्ज पर रहे सभी लोगों की जान बच सकती थी. खबर है कि तूफान के वक्त बजरे पर 261 लोग थे. द इंडियन एक्स्प्रेस से बातचीत में रेस्क्यू किए गए चीफ इंजीनियर रहमान शेख ने बताया, ‘हमें एक हफ्ते पहले तूफान की चेतावनी मिल गई थी. वहां मौजूद कई वैसल्स जगह छोड़ कर चले गए थे. मैंने कैप्टन बलविंदर सिंह से कहा कि हमें भी हार्बर के लिए निकलना होगा. लेकिन उन्होंने मुझे कहा कि हवा के 40 किमी प्रति घंटे से ज्यादा ऊपर जाने का अनुमान नहीं है और तूफान एक या दो घंटे में मुंबई से गुजरेगा.’ रहमान ने कहा, ‘लेकिन वास्तविकता में हवा की गति 100 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की थी. हमारे 5 एंकर टूट गए. वे तूफान को नहीं झेल सके.’ शेख ने कहा, ‘यहां कप्तान और कंपनी की तरफ से गलत अनुमान लगाया गया था.’ खास बात है कि बजरे को आमतौर पर टग बोट के जरिए उठाया जाता है. शेख ने बताया कि उन्होंने इसके संबंध में इमरजेंसी अलर्ट भेजा था, लेकिन मास्टर नहीं आए. उन्होंने कहा कि वे आस-पास नौसेना के जहाज देख सकते थे, लेकिन इससे पहले वे हमें देखते बार्ज ऑयल रिग से टकरा गया. टाउते: 49 अभी भी लापता, ओएनजीसी के SOP पर सवाल, जांच का आदेशउन्होंने कहा, ‘यहां एक बड़ा छेद हो गया और पानी अंदर आने लगा. हमने पोर्ट के बाएं हिस्से में मौजूद लाइफ राफ्ट्स की मदद लेने की कोशिश की, लेकिन इनमें से दो ही लॉन्च किए जा सके और 14 पंचर थे. चूंकि हवाएं तेज चल रही थीं और लहरें काफी ऊंची थीं. ऐसे में किसी की भी स्टारबोर्ड की तरफ जाने की हिम्मत नहीं हुई, जहां 16 और लाइफ राफ्ट्स मौजूद थे.’

शेख ने बताया कि लाइफ जैकेट पहने हुए लोगों को फ्लोटिंग रिंग्स पकड़कर समूह में पानी में कूदने के लिए कहा गया, ताकि बचाव दल की उनपर नजर पड़ सके. खबर है कि बार्ज सोमवार शाम 5 बजे डूब गया था. पानी में लंबे समय तक रहने और पैनिक के कारण ज्यादातर लोग मारे गए. उन्होंने अपनी जान बचने पर अल्लाह का धन्यवाद किया. शेख का अपोलो अस्पताल में इलाज चल रहा है.





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