कोरोना के बाद टाउते की जंग में तीनों सेनाएं बनी संकट मोचक, रक्षामंत्री ने की तारीफ


Cyclone Taukte के बाद राहत और बचाव कार्य में लगी नौसेना (Indian Navy via AP)
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh के अथक प्रयासों का ही नतीजा था कि कोरोना (Corona) के खिलाफ जंग में सेना के तीनों अंगों ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. तूफान टाउते (Tauktae Cyclone) से लोगों को बचाने में तीनों सेनाओं ने अहम भूमिका निभाई है.
इसे भी पढ़ें :- ताउते तूफान से प्रभावित लोकेशनों पर सरकार का ऑल आउट सर्च ऑपरेशन जारीगुजरात के तट पर आईएनएस तलवार ने सपोर्ट स्टेशन और ड्रील शीप सागरभूषण को सुरक्षित मुंबई के तट पर लाने में ओनजीसी के जहाजों की मदद की. नौसेना के हेलीकॉप्टर उन जहाजों पर फंसे 300 क्रू के सदस्यों के लिए पानी और भोजन लगातार पहुंचा रहे थे. कोस्ट गार्ड के जहाजों ने कई मछली मारने गईं कई भारतीय बोटों जैसे बढरिया, जीसस, मिलाद, क्राइस्ट भवन और नोवा आर्क को केरल व गोवा और लक्षद्वीप के आस पास के समुद्र से सुरक्षित निकाला. नेवी के जहाजों ने न्यू मैंगलोर पोर्ट के पास काम कर रहे एमवी कोरोमंडल सपोर्टर-9 के 9 सदस्यों को भी समय रहते बचा लिया. साथ ही पावर की खराबी से मुंबई के तट से काफी दूर बह गए एमवी गाल कंस्ट्रक्टर पर मौदुज 137 लोगों को भी नौसेना के जहाजों ने बचा लिया. इसे भी पढ़ें :- एक गलत अनुमान और चक्रवाती तूफान में फंस गए ओएनजीसी के जहाज तूफान आने की सुचना मिलने के बाद ही रक्षा मत्रालय सक्रिय हो गया था इसलिए वायु सेना ने अपने सी-130 जे और एएन-32 एयरक्राफ्टों से अनडीआरएफ के लगभग 400 जवानों और 60 टन बचाव सामग्री के साथ अहमदाबाद भेज दिया था। सेना ने भी अपने दो क़ॉलम औग इंजीनिर टास्क पोर्स के साथ जामनगर से दीव भेज दिए थे। आपात स्थिति मे सेना की दो और टुकडिया जुनागढ पहुंचने के लिए तैयार थीं. सेना के जवान रोड को साफ करने और तूफान पीडितों को भोजन और सर छुपाने लिए जगह देने में लगे रहे.
इसे भी पढ़ें :- टाउते तूफान में डूबा था बार्ज पी-305, अब तक 51 शव बरामद, 24 की तलाश अभी भी जारी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अथक प्रयासों का ही नतीजा था कि कोरोना के खिलाफ जंग में सेना के तीनों अंगों ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. ऑक्सीजन की कमी हो या फिर अस्पताल बनाना और अपने डॉक्टरों को आम आदमी की सेवा में लगाना, सब इतने सुचारु रूप से चले कि कोरोना के खिलाफ जंग थोड़ी आसान भी हो गई. राजनाथ सिंह ने आपातकालीन शक्तियों का सहारा लेते हुए सेना के नीचे तक के अधिकारियों को वित्तीय ताकत दी ताकि वो अपने इलाकों में कोरोना से लड़ने में स्पॉट पर ही फैसले ले पाएं. पहले कोरोना से जंग और अब तुफान टाउते में बाचाव और राहत का काम. सेना ने अपनी हिलंग टच का भी एहसास करा दिया है. इसलिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना के तीनों अंगों की तारीफों के पुल बांधने में देर नहीं लगाई.