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लावारिस शवों का अंतिम संस्‍कार करने के लिए छोड़ दी नर्स की नौकरी, पति का देती हैं साथ

मधुस्मिता पति के साथ मिलकर करती है शवों का अंतिम संस्‍कार. (Pic- ANI)

मधुस्मिता पति के साथ मिलकर करती है शवों का अंतिम संस्‍कार. (Pic- ANI)

Odisha: मधुस्मिता ने बताया कि उन्‍होंने 9 साल नर्स का काम किया है. वह 2019 में भुवनेश्‍वर लौट आईं और अपने पति के साथ मिलकर लावारिस शवों का अंतिम संस्‍कार करने लगीं.

भुवनेश्‍वर. कोरोना वायरस (Coronavirus) लगातार देश-दुनिया में कहर बरपा रहा है. अब अपना रूप बदलकर भी यह लोगों के बीच संक्रमण (Covid 19) फैला रहा है. इसके कारण बड़ी संख्‍या में लोगों की मौत हो रही है. मरने वालों में अधिकांश ऐसे भी होते हैं, जिनके शवों का अंतिम संस्‍कार (Last Rites) करने के लिए उनके परिजन सामने नहीं आते हैं. ऐसे ही लावारिस शवों (Unclaimed Dead Bodies) का अंतिम संस्‍कार करने के लिए कई लोग हैं, जो समाजसेवा कर रहे हैं. इनमें ओडिशा के एक दंपती भी शामिल हैं. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार मधुस्मिता प्रुस्ति कोलकाता के बड़े अस्‍पताल में नर्स थीं. उनके पति भुवनेश्‍वर में लावारिस शवों का अंतिम संस्‍कार करते थे. इनमें कोरोना मरीजों के शव भी शामिल हैं. ऐसे में मधुस्मिता भी अपनी नौकरी छोड़कर भुवनेश्‍वर आ गईं और पति के इस नेक काम में उनका साथ देने लगीं. मधुस्मिता ने बताया कि उन्‍होंने 9 साल नर्स का काम किया है. वह 2019 में भुवनेश्‍वर लौट आईं और अपने पति के साथ मिलकर लावारिस शवों का अंतिम संस्‍कार करने लगीं.

उनके मुताबिक उन्‍होंने पिछले ढाई साल में करीब 500 शवों का अंमित संस्‍कार किया है. इनमें पिछले साल भुवनेश्‍वर में 300 कोविड शवों का अंतिम संस्‍कार भी शामिल है. एक महिला होने के नाते इस कार्य के लिए मेरी आलोचना होती है. लेकिन मैं मेरे पति द्वारा चलाए जा रहे ट्रस्‍ट के अंतर्गत यह कार्य कर रही हूं.





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