
प्रदेश के 17 हज़ार डिपू होल्डर होंगे बेरूजगार।
जालंधर(NIN NEWS):गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लाभपात्री के प्रदेश सरकार द्वारा स्मार्ट कार्ड बनाकर दिए गए जिनको पर माह 5 किलो गेंहू पर मैंबर को 2 रु प्रति किलो के हिसाब से दी जाती थी।यह स्कीम 2007 को अकाली भाजपा के सरकार के समय मे शुरू की गई थी।जो लगातार प्रदेश में जारी रही और लाभपत्री इसका लाभ उठाते रहे यह स्कीम कई बार विवादों में भी रही।
केंद्र सरकार द्वारा एक देश एक कार्ड की घोषणा की गई है।जिसके तहत स्मार्ट कार्ड लाभपत्रियो को सभी प्रदेश की सरकारों ने बनाकर दे दिए और ई मशीन के माध्यम से डिपू होल्डर द्वारा लाभपत्रियो को फिंगर लगाकर गेंहू की पर्ची देकर गेंहू वितरित करने का काम शुरू कर दिया गया।जिससे काला बाजारी पर नकेल डाली गई।प्रदेश में 17 हज़ार के करीब राशन डिपू होल्डर काम कर रहे है।
कोरोना महामारी के दौरान केंद्र सरकार द्वारा लाभपत्रीयो को मुफ्त में राशन डिपू होल्डर द्वारा गेंहू बांटने के निर्देश दिए गए थे।डिपू होल्डरों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए गेंहू और डालो की सप्लाई लाभपत्रियो तक पहुंचाने का पूरा उपराला किया।परन्तु उनको उनकी बनती कमिशन प्रदेश सरकार ने नही दी जिससे नाराज़ डिपू होल्डरों ने प्रदेश सरकार के खलाफ़ धरने प्रदर्शन भी किए।
डिपू होल्डर द्वारा केंद्र सरकार से भी मांग की गई थी कि जो कोरोना महामारी के दौरन डिपू होल्डर द्वारा गेंहू लाभपत्रियो को वितरित की गई है।उसकी कमिशन दी जाए और दिल्ली की तर्ज़ पर पंजाब में भी 2 रु प्रति किलो के हिसाब से कमिशन दी जाए।परन्तु पंजाब में कमिशन देने की बजाए नई बनी आप सरकार के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उल्टा डिपू होल्डरों की मांगे क्या मानन्नी थी।
उनका काम छीनकर विभाग के इंस्पेक्टरो को दे दिया।अब विभाग के इंस्पेक्टर घर घर जाकर लाभपत्रियो को पहले फोन करेंगे फिर उनके घर पे राशन पहुंचाएगे और 17 हज़ार डिपू होल्डर पंजाब में बेरुजगारी दूर करने की बजाए प्रदेश सरकार पंजाब में डिपु होल्डरों को बेरूजगर कर रही है।
जानकर बताते है कि जो लाभपात्री गरीबी रेखा से ऊपर पाए जाते है उनके स्मार्ट कार्डो पर विभाग की कैंची भी फिरेगी और पंजाब के कई हजारों राशन कार्ड भी रद हो सकते है।