राष्ट्रीय

कोविड -19 की जंग में IAF ने भरी इतनी उड़ान की 55 बार नापी जा सकती है पूरी पृथ्‍वी

वायुसेना के विमान लेकर आए ऑक्‍सीजन कंटेनर. (Pic- Indian air force)

वायुसेना के विमान लेकर आए ऑक्‍सीजन कंटेनर. (Pic- Indian air force)

कोरोना (Corona) महामारी के इस दौर में भारती वायुसेना (Indian Air Force) ने इस दौरान 1500 से अधिक उड़ानें, 3000 घंटे और 2 मिलियन किलोमीटर का सफर तय किया है. भारतीय वायुसेना की ओर से तय की गई ये दूरी पृथ्‍वी के 55 बार चक्‍कर लगाने के बराबर है.

नई दिल्‍ली. देश में कोरोना (Corona) की दूसरी लहर ने कोहराम मचा रखा है. देश में बिगड़ चुकी स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं को सहारा देने के लिए विदेशों (World) से मदद मांगनी पड़ी है. कोरोना महामारी के इस दौर में भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) देश के लिए किसी संकट मोचक से कम नहीं रही है. भारती वायुसेना (IAF) ने इस दौरान 1500 से अधिक उड़ानें, 3000 घंटे और 2 मिलियन किलोमीटर का सफर तय किया है. भारतीय वायुसेना की ओर से तय की गई ये दूरी पृथ्‍वी के 55 बार चक्‍कर लगाने के बराबर है. ये चौंकाने वाले आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि भारतीय वायुसेना पिछले डेढ़ महीने में कोविड -19 से जुड़े सामान को देश में पहुंचाने में कितना प्रयास किया है. संक्रमण की दूसरी लहर के खिलाफ भारत की लड़ाई को मजबूत करते हुए IAF का परिवहन बेड़ा चौबीसों घंटे काम में जुटा रहा. विदेशों से स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं से जुड़े सामान को लाने में भारतीय वायुसेना के जवान दिन रात एक कर रहे हैं. बता दें कि विदेशों से जो सामान लाए जा रहे हैं उसमें जीवन रक्षक चिकित्सा उपकरण और ऑक्सीजन सिलेंडर भी शामिल हैं. ये हमारे देश की उपलब्‍धी है कि हमारे पास एयर फोर्स की ताकत है.

मंगलवार को न्यूज-18 ने नई दिल्ली के पालम हवाई अड्डे का दौरा किया, जहां कोविड-19 मैनेजमेंट सेल बनाई गई है. इस सेल की मदद से दुनियाभर से ऑक्सीजन सिलेंडर से लेकर वेंटिलेटर यूनिट और चिकित्सा उपकरणों तक देश में पहुंचाई जाती है. इसके बाद यहां से देश के अलग अलग हिस्‍सों में इन्‍हें पहुंचाने का काम किया जाता है. ये काम इतने कम समय के नोटिस पर दिया जाता है कि ये किसी मिशन से कम नहीं होता. बता दें कि भारतीय वायुसेना इस काम में अप्रैल से 24 घंटे लगी हुई है. उदाहरण के तौर पर देखें तो भारतीय वायुसेना के सी-17 विमान ने 35 घंटे की कठिन उड़ान भरी, जिससे ब्रिटेन से चेन्नई तक 37 टन ऑक्सीजन सिलेंडर लाया जा सका.इसे भी पढ़ें :- ब्लैक फंगस की दवा दुनिया में जहां हो भारत लाएं: PM मोदी की अधिकारियों को सख्त हिदायत एयर वाइस मार्शल एम रानाडे ने न्यूज-18 को बताया, हमें जो भी काम सौंपा गया है, उसे तय समय पर पूरा करने के लिए हमने मिशन की तरह ही लिया है ताकि जरूरतमंद लोगों तक जल्‍द से जल्‍द सहायता पहुंचाई जा सके. हमें जो भी प्रशिक्षण मिलता है उसके लिए हम हर वक्‍त तैयार रहते हैं. पिछले कई महीनों में भारतीय वायुसेना ने जिस तरह से देश के लिए काम किया है वह हमारे अभ्‍यास को बढ़ाने वाला अवसर है. इसलिए, जिसे भी कोई भी काम दिया जाता है, उसके मन में राष्ट्रीय प्रयासों में योगदान देने का विचार होता है. जिससे नागरिकों को हर तरह से मदद मिल सके. इसे भी पढ़ें :- COVID-19 in India: कोरोना का ग्राफ फिर चढ़ा, 24 घंटे में आए 2.11 लाख केस, 3847 की हुई मौत
उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना के जवान तब तक संतुष्ट नहीं होंगे जब तक कि देश का अंतिम व्यक्ति कोविड से मुक्त नहीं हो जाता. तब तक हमारी कोशिश जारी रहेगी.





Source link

News India Now

News India Now is Government Registered Online Web News Portal.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Light
Dark