
जालंधर(NIN) वैसे तो हर राज्य में लोक संपर्क विभाग लोगो की एवं पत्रकारों की सुविधा के लिए बनाया जाता है और इस विभाग के अधिकारी का कर्त्तव्य बनता हैं की जो भी राज्य सरकार की दी जाने वाली सुविधाएं सही तरीके से सही लोगो एवं पत्रकारों तक पहुंच सके पर अगर बात करे जालंधर के लोक संपर्क विभाग की तो आज कल यह शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है.

क्यों की सूत्रों की मने तो महा नगर में जो सरकार द्वारा येलो कार्ड पत्रकारों को बना कर दिए जाते है
उस का आज कल शहर में फर्जीवाढा चल रहा है इस फर्जीवाढे को एक गिरोह चला है। जिनके कायरता धर्ताओं के पास ना तो कोई RNI है और ना ही जर्नलिज्म की कोई डिग्री है, परन्तु फिर भी ऐसे लोगो द्वारा DPRO या यु कहे की सरकार द्वारा जारी किये जाने वाला येलो कार्ड प्रतिलिपि (जाली) काप्यियाँ त्यार करके पंजाब सरकार के साथ बड़े स्तर पर धोखाधड़ी की जा रही है,
इस गिरोह के सरगनाहो के द्वारा एक नहीं कई ऐसी प्रतिलिपियाँ बना कर शहर में बांटी जा रही है। जिसकी जानकारी ना तो चंडीगड़ में इस विभाग के डिप्टी डायरेक्टर को है और ना ही जालंधर में बैठे मौजूदा DPRO को है। संशय तो यह भी पैदा होता है की पंजाब सरकार की मुहीम युद्ध नशे विरुद्ध को भी इस गिरोह के लोगो द्वारा सेंध लगाई हो सकती है जिसकी जाँच करना जालंधर के मौजूदा पुलिस कमिश्नर की जिम्मेदारी बनती है।
क्यों की सूत्रों का कहना है की इस गिरोह में कुछ लोग ऐसे भी शामिल है जिसकी पहले से आपराधिक गतिविधियों में शामिलता बताई जाती है सुनने में आया है की इस गिरोह की जाली प्रतिलिपियाँ जालंधर के लम्बा पिंड रोड पर पड़ती थ्री स्टार कॉलोनी से जुड़ी हो सकती है,
जिस सक्श का जिकर यहाँ हो रहा है वह किसी समय में आम जनता की जाली RC और किसी भी तरह का जाली सर्टिफिकेट बनाने में माहिर है, जिस दौरान
यह सक्श यह जाली कागजाद बनाने का काम करता था उस वक़्त इस सक्श पर करतारपुर में मामला दर्ज हुआ था मामला दर्ज होने के बाद भी इस शक्श के हौसले पास्ट होने की वजय इतने बुलंद हो गए की पंजाब सरकार के साथ ही धोखाधड़ी कर रहा है जिसकी मान सरकार को भी जानकारी नहीं है पर हमें आशा है की यह खबर प्रकाशित होने के बाद जालंधर का लोक संपर्क विभाग के अधिकारी जागें और जल्द इस गिरोह पर सरकार की और से मामला दर्ज करवाएंगे अन्यथा अगले भाग में इस गिरोह की और खुलासे किए जाएंगे



