स्टेरॉयड के ज्यादा इस्तेमाल से ही नहीं गंदगी से भी बढ़ रहा ब्लैक फंगस का मामला

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– जिन मरीजों में शुगर अनियंत्रित है और कोरोना के इलाज के दौरान उन्होंने स्टेरॉयड लिया है तो ऐसे लोगों में ब्लैक फंगस का खतरा बढ़ जाता है. – जो भी मरीज कोरोना संक्रमण के दौरान ऑक्सीजन पर रहे हैं. इसके अलावा जिन मरीजों को सांस से जुड़ी बीमारी रही है उनमें ये समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है. – कोरोना के दौरान स्टेरॉयड की हाई डोज लेने वाले लोगों को भी ब्लैक फंगस का खतरा रहता है. इसे भी पढ़ें :- Black Fungus: दवा के प्रोडक्शन के लिए सरकार ने 5 कंपनियों को दिए लाइसेंस, आपदा से पहले तैयारी
ब्लैक फंगस होने पर शरीर पर दिखने वाले लक्षण – ब्लैक फंगस के शिकार मरीजों के नाक से खून आना या फिर काला सा कुछ पदार्थ निकलने लगता है. – नाक बंद हो जाती है, सिर में दर्द रहता है या फिर आंखों में जलन और दर्द रहता है. आंखों के आसपास सूजन की भी शिकायत होती है. डबल विजन, आंखें लाल होना, दृष्टि कमजोर होना भी इस बीमारी के लक्षण हैं. – ब्लैक फंगस के मरीजों को आंखें बंद करने में परेशानी होती है और आंखें खोलने में भी काफी वक्त लग जाता है. – ब्लैक फंगस के मरीजों के दांतों में दर्द होता है और चबाने में काफी दिक्कत होती है. इस दौरान उल्टी और खांसने में खून आए. इसे भी पढ़ें :- ब्लैक फंगस से किसे सबसे ज्यादा खतरा, कैसे करें बचाव, देश के टॉप डॉक्टर्स से जानें ब्लैक फंगस का पता चलने पर कैसे करें इलाज – ब्लैक फंगस के लक्षण दिखने पर तुरंत किसी नाक, कान और गला रोग विशेषज्ञ से सलाह लें. – ब्लैक फंगस का इलाज जब तक पूरा नहीं हो करते रहे और लगातार जांच कराते रहें. कई बार दवा से ब्लैक फंगस बैठ जाता है लेकिन कुछ समय बाद उभर जाता है. – डायबिटीज के मरीज हैं तो फिर ब्लड शुगर को कंट्रोल करने का प्रयास करें और उसकी मॉनिटरिंग करते रहें. – स्टेरॉयड खुद से लेने की कोशिश न करें. ऐसी दवा लेना भारी पड़ सकता है.