जालंधर के सैदां गेट क्षेत्र में अवैध निर्माण पर सवाल, नोटिस के बावजूद कार्य जारी होने के आरोप

जालंधर (सैदां गेट):
शहर के व्यस्ततम इलाकों में शामिल सैदां गेट क्षेत्र में कथित रूप से अवैध दुकानों के निर्माण का मामला एक बार फिर चर्चा में है। स्थानीय लोगों के अनुसार नगर निगम जालंधर द्वारा संबंधित निर्माण को लेकर पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है तथा मौके पर कार्य को अस्थायी रूप से रुकवाया भी गया था, इसके बावजूद अब फिर से निर्माण गतिविधियां शुरू होने की बातें सामने आ रही हैं।

स्थानीय सूत्रों का कहना है कि नगर निगम द्वारा दिए गए नोटिस के बाद भी निर्माण कार्य को पूरी तरह बंद नहीं किया गया और नियमों की अनदेखी करते हुए काम जारी है। क्षेत्र में निर्माण सामग्री खुलेआम सड़क पर पड़ी देखी जा सकती है, जिससे न केवल यातायात प्रभावित हो रहा है बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह इलाका पहले से ही संकरा है और ऐसे में बिना वैधानिक अनुमति के निर्माण कार्य होने से भविष्य में गंभीर प्रशासनिक और सार्वजनिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह के मामलों को बढ़ावा मिल सकता है।

नगर निगम जालंधर द्वारा अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त दिशा-निर्देश और नियम तय किए गए हैं, जिनका उद्देश्य शहर की सुव्यवस्थित योजना, यातायात व्यवस्था और जन-सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। ऐसे में नोटिस जारी होने के बाद भी कार्य जारी रहना प्रशासनिक निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने मांग की है कि नगर निगम के संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का पुनः निरीक्षण करें और यदि निर्माण नियमों के विपरीत पाया जाता है, तो नियमानुसार तत्काल प्रभाव से कार्य को बंद कराया जाए। साथ ही भविष्य में इस तरह की गतिविधियों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्थायी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
यह मामला स्पष्ट रूप से प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग करता है। अब देखना यह होगा कि नगर निगम जालंधर इस पूरे प्रकरण को कितनी गंभीरता से लेते हुए नियमों के पालन को सुनिश्चित करता है और शहर में अवैध निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करता है।



