युद्ध नशों के विरुद्ध या सवालों के घेरे में एंबुलेंस? जालंधर में बिना नंबर की एंबुलेंस को लेकर उठ रहे कई सवाल

जालंधर। पंजाब सरकार द्वारा चलाए जा रहे “युद्ध नशों के विरुद्ध” अभियान के बीच जालंधर शहर में एक कथित बिना रजिस्ट्रेशन नंबर वाली एंबुलेंस को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह एंबुलेंस अक्सर शहर के विभिन्न इलाकों में सायरन बजाते हुए घूमती दिखाई देती है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

स्थानीय सूत्रों और क्षेत्रवासियों के अनुसार, संबंधित एंबुलेंस कई बार ऐसे स्थानों पर भी देखी गई है, जहां सामान्य परिस्थितियों में किसी मरीज को ले जाने जैसी स्थिति दिखाई नहीं देती। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि एंबुलेंस का उपयोग मरीजों की बजाय कथित तौर पर नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के लिए किया जा रहा है। इन आरोपों की पुष्टि किसी सरकारी एजेंसी द्वारा नहीं की गई है और न ही इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने आया है।

लोगों का कहना है कि उक्त एंबुलेंस अक्सर मखदुमपुरा (Makhdumpura) क्षेत्र में खड़ी दिखाई देती है। यह भी चर्चा है कि इसे चलाने वाला व्यक्ति पंजाब के पड़ोसी राज्य का निवासी है और वर्तमान में जालंधर में किराये पर रह रहा है। इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
यदि वास्तव में कोई बिना नंबर की एंबुलेंस शहर की सड़कों पर सायरन बजाते हुए संचालित हो रही है, तो यह कई गंभीर प्रश्न खड़े करती है। क्या वाहन का पंजीकरण वैध है? क्या एंबुलेंस के संचालन के लिए आवश्यक नियमों का पालन किया जा रहा है? और यदि किसी अवैध गतिविधि में एंबुलेंस का दुरुपयोग हो रहा है, तो यह न केवल कानून व्यवस्था बल्कि वास्तविक मरीजों के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है।
शहरवासियों ने पुलिस प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और संबंधित जांच एजेंसियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं, तो जांच से सच्चाई सामने आनी चाहिए और अफवाहों पर विराम लगना चाहिए। वहीं यदि किसी प्रकार की अनियमितता या अवैध गतिविधि सामने आती है, तो कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
(यह समाचार स्थानीय लोगों एवं सूत्रों द्वारा किए गए दावों पर आधारित है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। संबंधित पक्ष का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। हमारा उद्देश्य केवल जनहित से जुड़े मुद्दे को सामने लाना है, किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी ठहराना नहीं।)




