
जालंधर: न्यू सुराज गंज,(New Suraj Ganj) गली नंबर 3, जनता क्लिनिक के नज़दीक स्थित एक रिहायशी मकान को कथित तौर पर PG/होटल/व्यावसायिक भवन में परिवर्तित किए जाने को लेकर नगर निगम जालंधर में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि भवन का निर्माण एवं उपयोग नगर निगम की पूर्व अनुमति और स्वीकृत नक्शे के बिना किया जा रहा है, जो लागू भवन नियमों का उल्लंघन है।

शिकायत के अनुसार संबंधित भवन मालिक को 23 जुलाई 2026 को नगर निगम की ओर से कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया गया था। नोटिस के बाद कुछ दिनों तक निर्माण कार्य बंद रहा, लेकिन अब दोबारा निर्माण शुरू होने का आरोप लगाया गया है।

शिकायत में यह भी मांग की गई है कि नगर निगम मौके पर निरीक्षण कर यह सत्यापित करे कि भवन का वास्तविक उपयोग रिहायशी है या फिर उसे PG, गेस्ट हाउस अथवा अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए तैयार किया जा रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि भवन का उपयोग व्यावसायिक उद्देश्य से किया जा रहा है, तो संबंधित सभी भवन उपनियमों, पार्किंग, अग्नि सुरक्षा, संरचनात्मक सुरक्षा और अन्य वैधानिक शर्तों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

शिकायत में एक गंभीर मुद्दा भी उठाया गया है। आरोप लगाया गया है कि कई मामलों में व्यावसायिक उपयोग वाले भवनों को रिहायशी भवन बताकर उनका नक्शा स्वीकृत करा लिया जाता है। बाद में जब कोई शिकायत करता है, तो केवल स्वीकृत रिहायशी नक्शे का हवाला देकर शिकायत का निपटारा कर दिया जाता है, जबकि मौके पर वास्तविक उपयोग की जांच नहीं की जाती। शिकायतकर्ता का दावा है कि ऐसी व्यवस्था से अवैध व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है और नगर निगम को राजस्व का नुकसान भी हो सकता है।

शिकायतकर्ता ने नगर निगम से मांग की है कि संबंधित संपत्ति का तत्काल निरीक्षण कराया जाए, निर्माण कार्य की वैधता की जांच की जाए, भवन के वास्तविक उपयोग का सत्यापन किया जाए तथा यदि किसी प्रकार का उल्लंघन पाया जाता है तो पंजाब नगर निगम अधिनियम एवं लागू भवन उपनियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर निगम इस शिकायत पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और क्या स्थल निरीक्षण के बाद कथित अनियमितताओं पर प्रभावी कदम उठाए जाते हैं।



