
जालंधर, विशेष रिपोर्ट:
शहर के व्यस्त चीमा चौक क्षेत्र में स्थित Well Connect Mobile Store (सहगल चिकन कॉर्नर के बिलकुल साथ) को लेकर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। स्थानीय सूत्रों और क्षेत्रीय निरीक्षण के आधार पर यह आरोप सामने आया है कि दुकान के मालिक द्वारा कथित तौर पर नियमों को दरकिनार करते हुए पहली मंज़िल का निर्माण कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि बड़े-बड़े फ्लेक्स बोर्ड लगाकर निर्माण गतिविधि को सामने से ढका गया, जिससे बाहर से सामान्य व्यावसायिक साइनएज का आभास हो, जबकि भीतर ढांचा तैयार होता रहा।
फ्लेक्स की आड़ में निर्माण?

आस-पास के व्यापारियों का कहना है कि बीते कुछ समय से दुकान के ऊपरी हिस्से में गतिविधि देखी जा रही थी। सामने लगे बड़े फ्लेक्स बोर्डों के पीछे निर्माण सामग्री और ढांचे में बदलाव की बातें सामने आई हैं। यदि यह निर्माण बिना स्वीकृत नक्शे/अनुमति के किया गया है, तो यह नगर निगम के भवन उपविधियों का उल्लंघन हो सकता है—जिसकी जांच आवश्यक है।
निगम पर भी सवाल
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब मीठापुर चौक में सील तोड़े जाने और बार-बार सीलिंग की कार्रवाई के आरोपों ने पहले ही प्रशासनिक सख्ती पर प्रश्नचिह्न लगा रखे हैं। ऐसे में सेक्टर-12 के मौजूदा बिल्डिंग इंस्पेक्टर और संबंधित एटीपी की निगरानी व प्रवर्तन क्षमता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
शहरवासी पूछ रहे हैं—क्या नियमित निरीक्षण हो रहे हैं? यदि निर्माण अवैध है तो नोटिस और रोकथाम की कार्रवाई समय पर क्यों नहीं हुई?

क्या कहते हैं नियम?
नगर निगम के भवन नियमों के अनुसार व्यावसायिक परिसरों में किसी भी प्रकार का अतिरिक्त निर्माण/ऊपरी मंज़िल जोड़ने से पहले स्वीकृत नक्शा और आवश्यक अनुमतियां अनिवार्य होती हैं। उल्लंघन की स्थिति में नोटिस, सीलिंग, ध्वस्तीकरण और जुर्माने जैसी कार्रवाई प्रावधानित है।

उच्च अधिकारियों से अपेक्षा
जनहित में मांग उठ रही है कि:
स्थल का त्वरित संयुक्त निरीक्षण कराया जाए।स्वीकृत नक्शा, CLU/अनुमति और संरचनात्मक सुरक्षा प्रमाणपत्र की जांच की जाए।यदि उल्लंघन सिद्ध हो तो कानूनसम्मत नोटिस जारी कर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए।प्रवर्तन तंत्र की जवाबदेही तय की जाए, ताकि भविष्य में फ्लेक्स या साइनएज की आड़ में निर्माण जैसी प्रवृत्तियों पर रोक लगे।
निष्कर्ष:
चीमा चौक जैसा व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र शहरी नियोजन और सुरक्षा मानकों के लिए संवेदनशील है। पारदर्शी जांच और समयबद्ध कार्रवाई ही नागरिकों का भरोसा बहाल कर सकती है। अब निगाहें नगर निगम के उच्च अधिकारियों पर टिकी हैं—क्या वे इस प्रकरण में त्वरित संज्ञान लेकर नियमों का पालन सुनिश्चित करेंगे?
अस्वीकरण: यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और स्थल पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। अंतिम तथ्यात्मक स्थिति संबंधित प्राधिकरण की आधिकारिक जांच और अभिलेखों पर निर्भर करेगी। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।




