अंतरराष्ट्रीयअपराधई-पेपरबिजनेसराष्ट्रीय

बस स्टैंड के पास चिन्मस्तिका कॉम्प्लेक्स में अवैध निर्माण का बड़ा खेल? नोटिस के बावजूद जारी काम, नगर निगम की कार्रवाई पर उठे सवाल

रूफटॉप पर बीयर बार और दो फ्लोरों को कथित तौर पर बिना अनुमति PG व रेस्टोरेंट में बदला जा रहा है। नगर निगम नोटिस जारी कर चुका है, लेकिन काम जारी रहने के दावों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जालंधर | विशेष रिपोर्टजालंधर के बस स्टैंड के नज़दीक स्थित चिन्मस्तिका कॉम्प्लेक्स एक बार फिर विवादों में घिरता दिखाई दे रहा है। आरोप है कि कॉम्प्लेक्स की रूफटॉप और दो मंजिलों में से एक मंजिल को PG तथा दूसरी को रेस्टोरेंट के रूप में विकसित किया जा रहा है और यह कार्य नगर निगम की आवश्यक अनुमति के बिना किया जा रहा है।

मामले की शिकायत नगर निगम जालंधर को दी जा चुकी है। शिकायत के बाद नगर निगम द्वारा कॉम्प्लेक्स के मालिक को नोटिस जारी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इसके बावजूद आरोप है कि संबंधित परिसर में निर्माण एवं अन्य कार्य लगातार जारी हैं, जिससे नगर निगम की कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं।

Oplus_131106

सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि कॉम्प्लेक्स के मालिक का कहना है कि उसे नगर निगम या किसी भी सरकारी नोटिस की कोई परवाह नहीं है क्योंकि कथित रूप से “बड़े अधिकारी उसके प्रभाव में हैं।” हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष अभी सामने आना बाकी है।

मामले का एक और गंभीर पहलू यह बताया जा रहा है कि इस इमारत में प्रवेश और निकास (Entry & Exit) का केवल एक ही रास्ता है। यदि भविष्य में यहां रेस्टोरेंट, PG या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां शुरू होती हैं और किसी प्रकार की आग या अन्य आपातकालीन दुर्घटना होती है, तो सुरक्षा व्यवस्था और लोगों की जान को लेकर गंभीर खतरे उत्पन्न हो सकते हैं।

जानकारी के अनुसार, इस भवन का Completion Certificate अभी तक जारी नहीं हुआ है। यदि यह दावा सही पाया जाता है, तो बिना आवश्यक स्वीकृतियों के व्यावसायिक उपयोग किए जाने का मामला और भी गंभीर हो सकता है।

सूत्रों का यह भी कहना है कि आने वाले समय में चिन्मस्तिका कॉम्प्लेक्स से जुड़े कई अन्य गंभीर तथ्यों का खुलासा किया जाएगा। यह इमारत पहले भी कथित तौर पर कुछ ट्रैवल एजेंटों की गतिविधियों को लेकर चर्चा में रही है। साथ ही यह आरोप भी लगाया जा रहा है कि भवन का मालिक स्वयं भी बिना आवश्यक लाइसेंस के ट्रैवल एजेंट के रूप में कार्य करता रहा है। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि होना अभी शेष है और संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आना बाकी है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि नगर निगम द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बावजूद कथित अवैध गतिविधियां जारी रहती हैं, तो क्या प्रशासन प्रभावी कार्रवाई करेगा या फिर यह मामला भी केवल नोटिस तक ही सीमित रह जाएगा?

(नोट: इस रिपोर्ट में शामिल कुछ दावे शिकायतकर्ताओं और सूत्रों से प्राप्त जानकारी पर आधारित हैं। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

News India Now

News India Now is Government Registered Online Web News Portal.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button