रेल सुरक्षा ताक पर? जालंधर-कैंट के पास रेलवे ट्रैक के मात्र 15 मीटर की दूरी पर बन रहा अवैध मॉल

जालंधर/खजूरला: भारतीय रेलवे की सुरक्षा और नियमों को ताक पर रखकर जालंधर-कैंट (JRC) और चहेड़ू (CEU) सेक्शन के बीच एक बड़े वाणिज्यिक मॉल का निर्माण धड़ल्ले से जारी है । मामला गांव खजूरला के पास स्थित ‘ईस्टवुड विलेज'(EASTWOOD VILLAGE) का है, जहाँ रेलवे ट्रैक के अत्यंत निकट हो रहे निर्माण ने रेल परिचालन की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं।

विभाग ने माना: बिना NOC और नियमों के विरुद्ध हो रहा है काम
हाल ही में एक RTI और आधिकारिक शिकायत के जवाब में रेलवे विभाग ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उत्तर रेलवे के SSE (P.WAY) JRC की रिपोर्ट के अनुसार:
- रेलवे बाउंड्री से यूपी लाइन की दूरी मात्र 16.50 मीटर है ।
- निर्माण स्थल पर ‘ओपन एरिया शेड’ रेलवे ट्रैक के केंद्र से मात्र 29.57 मीटर की दूरी पर स्थित है ।
- रेलवे ने स्वयं स्वीकार किया है कि इस निर्माण के लिए ईस्टवुड विलेज द्वारा कोई NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं माँगा गया ।
- नियमों के अनुसार, निर्माण शुरू करने से 90 दिन पहले रेलवे को सूचना देना अनिवार्य था, जिसका पालन नहीं किया गया ।

क्या कहता है रेलवे कानून?
इंडियन रेलवे वर्क्स मैनुअल’ के पैरा 827 के अनुसार, रेल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ट्रैक और किसी भी निजी निर्माण के बीच कम से कम 30 मीटर की खाली जगह होनी अनिवार्य है । [cite_start]विभाग की रिपोर्ट पुष्टि करती है कि निर्माण कार्य इस 30 मीटर की प्रतिबंधित सीमा के भीतर शुरू हो चुका है ।

प्रशासन की ढिलाई या मिलीभगत?
हैरानी की बात यह है कि उल्लंघन की पुष्टि होने के बावजूद रेलवे विभाग ने अब तक निर्माण कार्य को रुकवाया नहीं है। विभाग ने केवल एक पत्र (No. S-1) जारी कर औपचारिकता पूरी की है । जानकारों का कहना है कि इतनी कम दूरी पर उच्च निर्माण (High-rise) होने से भविष्य में रेल दुर्घटनाओं और तकनीकी बाधाओं का खतरा बढ़ सकता है।
शिकायतकर्ता की मांग: तत्काल FIR और काम पर रोक
इस मामले में शिकायतकर्ता ने सख्त रुख अपनाते हुए उच्च अधिकारियों को द्वितीय अपील भेजी है। मांग की गई है कि जब तक वैध NOC और सुरक्षा मानकों की पुष्टि नहीं होती, तब तक निर्माण पर ‘स्टॉप-वर्क ऑर्डर’ लागू किया जाए और रेलवे अधिनियम के तहत दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।




