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जालंधर के अलीपुर में अवैध कॉलोनी का खेल बेनकाब — ‘रिचमंड अप्रूव्ड प्रोजेक्ट’ के साथ खुलेआम कानून की उड़ाई जा रही धज्जियां! भाग-1

बिना CLU कृषि भूमि पर कट रहे प्लॉट, फिर भी मिल रही NOC — नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठे बड़े सवाल, ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति सिर्फ कागजों तक सीमित?

जालंधर | स्पेशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट

जालंधर के अलीपुर क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कथित तौर पर “रिचमंड अप्रूव्ड प्रोजेक्ट” के साथ सटी हुई जमीन पर एक अवैध कॉलोनी काटी जा रही है। आरोप है कि इस कॉलोनी को विकसित करने वाले भू-माफिया तत्वों द्वारा कृषि भूमि (Agricultural Land) पर बिना CLU (Change of Land Use) करवाए प्लॉटिंग की जा रही है, जिससे न सिर्फ कानून का उल्लंघन हो रहा है बल्कि सरकार को लाखों रुपये का चूना भी लगाया जा रहा है।

⚠️ बिना CLU काटे गए प्लॉट — कानून का खुला उल्लंघन

सूत्रों के अनुसार, जिस जमीन पर यह कॉलोनी विकसित की जा रही है, वह अब तक कृषि भूमि के रूप में दर्ज है। नियमों के मुताबिक, किसी भी कृषि भूमि को रिहायशी या कमर्शियल उपयोग में लाने से पहले CLU की अनुमति लेना अनिवार्य होता है।

लेकिन यहां हैरानी की बात यह है कि बिना CLU के ही प्लॉट काटकर खुलेआम बेचे जा रहे हैं, जो सीधे-सीधे पंजाब टाउन प्लानिंग नियमों का उल्लंघन है।

❗ अवैध कॉलोनी में NOC — आखिर किस कानून के तहत?

सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब कॉलोनी ही अवैध है, तो उसमें काटे जा रहे प्लॉट्स की NOC (No Objection Certificate) आखिर किस आधार पर और किस कानून के तहत जारी की जा रही है?

👉 क्या संबंधित विभागों ने बिना जांच के NOC जारी कर दी?
👉 या फिर यह किसी बड़े स्तर पर मिलीभगत का संकेत है?

यह मामला सीधे तौर पर नगर निगम जालंधर के अधिकारियों की कार्यशैली पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।

🏢 शिकायत के बाद भी जारी अवैध काम

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस अवैध कॉलोनी की शिकायत नगर निगम कमिश्नर तक पहुंचाई गई थी।
शिकायत के बाद संबंधित बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने यह दावा किया कि नोटिस जारी कर दिया गया है।
लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है—
📌 नोटिस के बावजूद अवैध निर्माण और प्लॉटिंग का काम धड़ल्ले से जारी है
📌 आम लोगों को गुमराह कर प्लॉट बेचे जा रहे हैं
📌 मौके पर प्रशासन की कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही

💰 सरकार को राजस्व का नुकसान, जनता के साथ धोखा

इस तरह की अवैध कॉलोनियां न सिर्फ सरकारी नियमों को दरकिनार करती हैं बल्कि:
❌ सरकार को मिलने वाला टैक्स और फीस का भारी नुकसान होता है
❌ खरीदारों को भविष्य में रजिस्ट्री, बिजली-पानी जैसी सुविधाओं में भारी परेशानी झेलनी पड़ सकती है
❌ कानूनी विवादों का खतरा बना रहता है।

🚨 ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर सवाल

पंजाब सरकार बार-बार ‘जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट करप्शन’ की बात करती है, लेकिन अलीपुर में चल रहा यह मामला इस नीति पर भी सवाल खड़े करता है।
👉 क्या यह नीति सिर्फ कागजों तक सीमित है?
👉 क्या प्रशासन जानबूझकर आंखें मूंदे बैठा है?
अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला एक बड़े घोटाले का रूप ले सकता है।

🗣️ जनता की मांग — हो निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई

स्थानीय लोगों और जागरूक नागरिकों ने मांग की है कि:
इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए
जिम्मेदार अधिकारियों और भू-माफिया पर सख्त कार्रवाई हो
अवैध कॉलोनी पर तुरंत रोक लगाई जाए

📢 डिस्क्लेमर:

इस खबर में दी गई जानकारी स्थानीय स्रोतों और शिकायतों के आधार पर तैयार की गई है। संबंधित अधिकारियों से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक जवाब प्राप्त नहीं हो सका।

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